Weather Update News: पहाड़ों पर बर्फबारी से कांपा उत्तर भारत, अब महाराष्ट्र और दक्षिण में भी लगेगी ‘कड़ाके की ठंड’

Weather Update News:उत्तरी भारत के राज्यों में इन दिनों शीत लहर का दौर जारी है। मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन देखे जा रहे हैं जो लगातार लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। मौसम विज्ञान के विशेषज्ञ किरण वाघमोडे के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने संपूर्ण राष्ट्र की जलवायु परिस्थितियों को बदलकर रख दिया है।

हिमालय की ऊंची चोटियां बर्फ से ढक चुकी हैं और समतल मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। इस वर्ष का सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि महाराष्ट्र और दक्षिण भारतीय राज्यों में भी कड़ाके की सर्दी पड़ने की प्रबल संभावना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आगामी 24 से 48 घंटों में देशभर का मौसम कैसा रहने वाला है।

दिनांक 22 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रहेगा। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव समतल मैदानी राज्यों पर पड़ने की आशंका है। पंजाब के पठानकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में हल्की वर्षा होने की संभावना है जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

पंजाब, हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा बिहार में घना कोहरा व्याप्त रहेगा। सूर्य के दर्शन दुर्लभ होने के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी कम रहेगा और शीत दिवस की स्थिति निर्मित होगी। यह कोहरा यातायात और दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में असामान्य शीतलहर

सामान्यतः दक्षिणी भारत में उत्तर की भांति कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ती है, परंतु इस वर्ष परिस्थितियां भिन्न दिखाई दे रही हैं। 23 दिसंबर से महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे गिरने की प्रबल संभावना है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के अनेक भागों में शीत लहर जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे महानगरों के निवासियों को भी गर्म वस्त्रों की आवश्यकता पड़ सकती है। यह असामान्य मौसमी परिवर्तन दक्षिण भारत के लिए अत्यंत दुर्लभ है और लोगों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। तापमान में यह अचानक गिरावट स्वास्थ्य और कृषि दोनों को प्रभावित कर सकती है।

आगामी 23 और 24 दिसंबर का मौसम पूर्वानुमान

23 दिसंबर तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पर्वतीय क्षेत्रों पर धीरे-धीरे कम होता जाएगा और वहां का मौसम स्वच्छ हो जाएगा। किंतु पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश तक के मैदानी इलाकों में प्रातःकाल घना कोहरा बना रहेगा। दृश्यता अत्यधिक सीमित रहेगी जिससे यातायात में व्यवधान की संभावना है।

24 दिसंबर को जैसे ही कोहरे का प्रकोप कम होगा, उत्तर भारत विशेषकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शीत की तीव्रता और बढ़ जाएगी। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। इसी दिन पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी संभावित है। यह मौसमी परिवर्तन क्रिसमस के त्योहार को और अधिक ठंडा बना देगा।

यात्रियों और कृषकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

मौसम विभाग ने यात्रियों और किसानों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। घने कोहरे के कारण रेल सेवाओं और विमान यातायात में विलंब या रद्दीकरण हो सकता है। यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो कोहरा लाइट्स का प्रयोग अवश्य करें और अत्यधिक सावधानी बरतें। दृश्यता कम होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें।

कृषकों को विशेष रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है क्योंकि पाला और शीतलहर फसलों को गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं। रबी की फसलें विशेषकर गेहूं, सरसों और मटर इससे प्रभावित हो सकती हैं। किसान भाइयों को कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनानी चाहिए और फसलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करने चाहिए।

स्वास्थ्य सावधानियां और सामान्य दिशानिर्देश

इस कड़ाके की ठंड में वृद्ध व्यक्तियों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। श्वसन संबंधी रोगों के रोगियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म वस्त्र धारण करें और जहां तक संभव हो गुनगुने पेय पदार्थों का सेवन करें। घर के अंदर उचित तापमान बनाए रखें लेकिन कमरे में वायु संचार भी आवश्यक है।

क्रिसमस से पूर्व यह शीतलहर अपने चरम पर है। उत्तर से दक्षिण तक मौसम में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। अपना और अपने परिवार के सदस्यों का विशेष ख्याल रखें। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और आवश्यक तैयारी रखें।

प्रश्न 1: पश्चिमी विक्षोभ क्या है और यह भारतीय मौसम को कैसे प्रभावित करता है?

पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार की वायुमंडलीय प्रणाली है जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर बढ़ती है। यह शीतकाल में उत्तर भारत में वर्षा और हिमपात का प्रमुख कारण बनती है। जब यह हिमालय से टकराती है तो पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होती है और मैदानी भागों में तापमान गिर जाता है। इससे कोहरा और शीत लहर जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 2: दक्षिण भारत में इस बार असामान्य ठंड क्यों पड़ रही है?

इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सामान्य से अधिक व्यापक है। उत्तर भारत में तीव्र शीतलहर के कारण ठंडी हवाएं दक्षिण की ओर प्रवाहित हो रही हैं। इसके अतिरिक्त वायुमंडलीय परिसंचरण में परिवर्तन के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य दक्षिणी राज्यों में तापमान सामान्य से कम हो रहा है। यह स्थिति दुर्लभ है लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी असामान्यताएं बढ़ रही हैं।

प्रश्न 3: घने कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

घने कोहरे में यात्रा करते समय वाहन की गति धीमी रखें और कोहरा लाइट्स का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। अन्य वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। यदि दृश्यता 50 मीटर से कम हो तो यात्रा स्थगित करने पर विचार करें। रेल और विमान यात्रा से पहले सेवा की स्थिति अवश्य जांच लें क्योंकि कोहरे के कारण विलंब या रद्दीकरण संभव है। अपने मोबाइल फोन को पूर्णतः चार्ज रखें और आपातकालीन संपर्क नंबर सहेज कर रखें।

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